Hanuman Ansh Behind The Scene: नीम करौली बाबा के जीवन से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ का सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी डंका बज रहा है. अब अगर आप सोच रहे हैं कि नीम करौली बाबा के जीवन पर बनी ये इकलौती फिल्म है तो बता दें कि ऐसा नहीं है. विशाल चतुर्वेदी और अनुप्रिया नागर द्वारा बनाई गई फिल्म ‘हनुमान अंश’ की रिलीज से 69 दिन पहले नीम करौली बाबा की जीवन पर बनी एक और फिल्म आई थी जो महाफ्लॉप साबित हुई
Mecca Pact Litmus Test Failed: पाकिस्तान की किस्मत ऐसी खराब है कि उसने जब भी कोई समझौता किया, तो उसका टेस्ट तुरंत ही हो गया और हर बार वो फेल ही हुआ. सऊदी अरब के साथ डिफेंस पैक्ट होते ही ईरान युद्ध छिड़ गया और मक्का पैक्ट पर दस्तखत होते ही सऊदी अरब का हूतियों के साथ संघर्ष. दोनों ही अग्निपरीक्षाओं में पाकिस्तान फेल नजर आ रहा है. सऊदी की सबसे बड़ी पाइपलाइन को हूतियों ने फोड़ डाला और तुर्की सिर्फ धमकियां दे रहा है. पाकिस्तान इस संघर्ष में सऊदी का पक्ष ईरान के सामने रखने लगा, तो ईरान ने उसे झिड़क दिया.
कूटनीतिक मजबूरियां अपनी तरफ हैं लेकिन जब आप किसी देश के साथ ऐसे सुरक्षा समझौते में आते हैं, जहां एक-दूसरे की रक्षा का वादा किया जाता है, तो बातों से काम नहीं चलता. मुस्लिम देशों के नाम पर पाकिस्तान ने ही सऊदी और तुर्की के साथ ये समझौता किया था क्योंकि उसे डर भारत के हमले का था. ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान ऐसे समझौतों की तलाश कर रहा था, जहां उसे किसी की छत्रछाया मिल सके. पहले उसने सऊदी अरब को पकड़ा और फिर धीरे-धीरे तुर्की को भी इसमें शामिल कर लिया. समझौते को इस्लामिक NATO कहा गया, लेकिन अब NATO की तरह ही ये बिखरता हुआ नजर आ रहा है.
Basti News : बस्ती के रामकिशन पांडे अब चैन की सांस ले सकते हैं. उन्हें सीएम योगी का साथ जो मिल गया है. दरअसल, चार दिव्यांग बच्चों वाले परिवार को कांशीराम आवास योजना के तहत घर दिया गया है. इतना ही नहीं सरकार ने काफी कुछ मदद की है. आइए जानते हैं सब.
बस्ती : मुश्किल वक्त में जब एक परिवार के सामने सिर पर छत से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक की चिंता खड़ी हो, तब सरकारी मदद उसके लिए किसी उम्मीद की किरण से कम नहीं होती. बस्ती के रामकिशन पांडे के परिवार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. चार दिव्यांग बच्चों वाले इस परिवार की कुछ समस्याएं अब दूर हो चुकी हैं. दरअसल, इनकी परेशानियों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक-एक कर उनकी समस्याओं का समाधान कराया गया.
परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता आवास की थी. कांशीराम आवास योजना के तहत परिवार को आवास उपलब्ध कराया गया. इससे सालों से चली आ रही सिर पर छत की चिंता दूर हुई. घर मिलने के बाद परिवार के चेहरे पर राहत दिखाई दी. सरकार ने केवल घर तक ही मदद सीमित नहीं रखी बल्कि दिव्यांग बच्चों के लिए व्हीलचेयर भी उपलब्ध कराई. वहीं, बड़े बेटे अंकुर को दिव्यांग पेंशन का लाभ दिया जा रहा है, जिससे परिवार को आर्थिक मदद मिलती रहेगी.
सौ बात की एक बात: पश्चिम एशिया में हालात सुधरने की उम्मीद जगी थी. होर्मुज स्ट्रेट के ओपन होने की संभावनाएं भी बढ़ी थीं. लाल सागर का गेटवे कहे जाने वाले बाब अल-मंदेब से तेल और गैस का प्रवाह और बढ़ाने की बात भी होने लगी थी. लेकिन पिछले तकरीबन 1 महीने में सबकुछ बदल गया. होर्मुज जहाजों के आवागमन के लिए फिर से बंद हो गया. बाब अल-मंदेब में भी खतरा बढ़ गया है. अब सऊदी अरब के 1200 किलोमीटर लंबे पाइपलाइन पर अटैक ने तेल के खेल को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है.
सऊदी अरब के ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन पर अटैक ने तेल संकट को नए सिरे से सामने ला दिया है. पाइपलाइन पर अटैक की सैटेलाइट तस्वीरें तबाही का आलम बता रही हैं. (फोटो: Reuters)
सौ बात की एक बात ये कि एक पाइपलाइन पर हमले ने पूरी दुनिया को हिला दिया है. और कोई बोल भी नहीं रहा कि हमला उसने किया है, कोई जिम्मेदारी ही नहीं ले रहा. लेकिन इतना जरूर है कि हुआ ये उसी युद्ध की वजह से है जो अमेरिका ने ईरान पर छेड़ा था. ईरान की रणनीति ही यही थी कि दुनिया में तेल की मारामारी होगी तो दुनिया अमेरिका को रोकेगी. इसलिए उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को रोका था. लेकिन थोड़ी मारामारी के बाद तेल का मामला थोड़ा-बहुत कंट्रोल में आता लग रहा था सबको. तो ईरान को वो प्रेशर उतना कारगर नहीं हो पा रहा था. लेकिन अब जो हुआ है उससे दुनिया में कच्चे तेल के बाजार में फिर आग लग गई है. भारत में अभी पता नहीं चल रहा पब्लिक को क्योंकि यहां तो अभी पेट्रोल-डीजल के दाम वही बना कर रखे हैं तेल कंपनियों ने जितने पिछले कुछ दिनों से थे. लेकिन माहौल बदलता जा रहा है दुनिया भर में.
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जो कच्चा तेल ईरान युद्ध के बाद भी 80-90 डॉलर प्रति बैरल के रेट पर चल रहा था, वो अब 100 डॉलर के ऊपर ही बना हुआ है और 108-110 डॉलर को भी छू चुका है. यानी कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. और दुनिया भर में डीजल और पेट्रोल और महंगे होने का डर फिर से छा गया है. और ये जो अभी हुआ है वो क्यों हुआ है? ईरान युद्ध तो फिर भड़क ही रहा है. हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमले किए ही हुए हैं. लेकिन जो सबसी बड़ी घटना हुई है जिसपर सबको ध्यान देने की जरूरत है वो ये कि सऊदी अरब की अपनी वो पाइपलाइन बंद करनी पड़ गई है जो उसकी ही नहीं, एक तरह से दुनिया की लाइफलाइन बन गई थी